महाराष्ट्र के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने निजी अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता आखिरकार साफ कर दिया है. लगभग 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, स्कूलों में हजारों रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है.
राज्य सरकार ने जूनियर क्लर्क, पूर्णकालिक लाइब्रेरियन और लैब असिस्टेंट के 80 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद, क्लर्क और लैब असिस्टेंट के लगभग 30 हजार स्वीकृत पदों में से 23 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी.
11 अगस्त को जारी हुआ नया शासनादेश
शालेय शिक्षा विभाग ने 11 अगस्त 2026 को इस संबंध में एक शासनादेश जारी किया है. इस आदेश में शिक्षण संस्थानों, शिक्षा अधिकारियों और उप निदेशकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले, संबंधित संवर्ग की बिंदुनामावली (Roster) को पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जांचना अनिवार्य होगा.
प्रमाणित बिंदुनामावली और विज्ञापन के मसौदे के साथ, प्रस्ताव को शिक्षा अधिकारी या विभागीय शिक्षा उप निदेशक के पास भेजना होगा.
संचमान्यता न होने से रुकी थी भर्ती
इससे पहले, 4 अप्रैल 2025 के सरकारी फैसले के अनुसार, सीधी भर्ती कोटे के 80 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी. लेकिन संचमान्यता (Staff Approval) की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 28 मई 2025 को एक पत्र जारी कर भर्ती पर रोक लगा दी थी. अब राज्य सरकार ने वह रोक हटा ली है, जिससे भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी.
कितने पदों पर होगी भर्ती? एक नजर में आंकड़े
राज्य में गैर-शिक्षण कर्मचारियों के हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. नए आदेश के तहत इन पदों को भरा जाएगा:
- क्लर्क (Clerk): राज्य में क्लर्क संवर्ग के 25,000 पद स्वीकृत हैं. 80 प्रतिशत की सीमा के अनुसार, 18,400 पद भरे जाएंगे.
- लैब असिस्टेंट (Lab Assistant): प्रयोगशाला सहायकों के लगभग 6,500 पद हैं, जिनमें से 5,000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी.
- नागपुर जिला: नागपुर जिले के 819 अनुदानित स्कूलों में क्लर्क और लैब असिस्टेंट के लगभग 400 पद भरे जाने की संभावना है.
सबसे पहले पदोन्नति, फिर होगी सीधी भर्ती
भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता तय की गई है. रिक्त पदों को भरने के लिए सबसे पहले पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
- नियमित नियुक्ति के लिए पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के उपलब्ध होने पर, उन्हें पहले पदोन्नत किया जाएगा.
- पदोन्नति के बाद भी यदि पद रिक्त रहते हैं, तो उन पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी.
संशोधित आकृतीबंध (Pattern) के अनुसार, यह भी जांचा जाएगा कि समाप्त होने वाले, अतिरिक्त और समायोजन वाले पदों के संबंध में कार्रवाई पूरी हुई है या नहीं. इसके बाद ही संचमान्यता के अनुसार स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों की अंतिम संख्या तय की जाएगी.
जूनियर कॉलेजों का पेंच अभी भी कायम
विजुक्टा के महासचिव अशोक गव्हाणकर ने इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है, “कई वर्षों के इंतजार के बाद भर्ती का रास्ता साफ हुआ है. माध्यमिक विद्यालयों में तो भर्ती होगी, लेकिन जूनियर कॉलेज (कनिष्ठ महाविद्यालय) से जुड़े स्कूल-कॉलेजों की संचमान्यता का पेंच अभी भी कायम है. उम्मीद है कि यह समस्या भी जल्द सुलझ जाएगी.”