MPSC का ऐतिहासिक फैसला! प्रीलिम्स में फेल हुए तो अब नहीं करना होगा 1 साल का इंतज़ार… जानिए क्या है नया नियम? | MPSC New Rules About Prelims Exam

महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने एक ऐतिहासिक और राहत भरी घोषणा की है। 25 जून 2026 को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, MPSC की प्रमुख प्रारंभिक परीक्षाएं अब साल में केवल एक बार होने के बजाय दो या उससे अधिक बार आयोजित की जाएंगी।

आयोग ने यह अहम फैसला परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के अनावश्यक मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें सफलता के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया है। यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 की प्रारंभिक परीक्षाओं से लागू कर दी जाएगी।

इन परीक्षाओं पर लागू होगा नया नियम

MPSC की परीक्षा नियंत्रक व सह सचिव, सरिता बांदेकर-देशमुख द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, यह बदलाव निम्नलिखित तीन प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होगा:

  1. महाराष्ट्र नागरिक सेवा राजपत्रित (Gazetted) ग्रुप-A और ग्रुप-B संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा
  2. महाराष्ट्र ग्रुप-B (अराजपत्रित/Non-Gazetted) सेवा प्रारंभिक परीक्षा
  3. महाराष्ट्र ग्रुप-C सेवा प्रारंभिक परीक्षा

क्यों लिया गया यह फैसला?

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में ये तीनों प्रारंभिक परीक्षाएं साल में केवल एक ही बार आयोजित की जाती हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इन परीक्षाओं में बैठते हैं, लेकिन बहुतांश उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाते। असफल होने के बावजूद उम्मीदवार लगातार तैयारी करते रहते हैं और उन्हें अगले अवसर के लिए पूरे एक साल का लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या और उम्मीदवारों के तनाव को देखते हुए आयोग ने परीक्षा के अवसर बढ़ाने का निर्णय लिया है।

परीक्षा के स्वरूप में भी हुए बड़े बदलाव

परीक्षा की आवृत्तियों (Frequency) के साथ-साथ आयोग ने परीक्षा आयोजित करने की तकनीक में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

  • CBT मोड में होगी परीक्षा: अब उपरोक्त तीनों प्रारंभिक परीक्षाएं ऑफलाइन के बजाय कंप्यूटर आधारित प्रणाली (CBT – Computer Based Test) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।
  • नॉर्मलाइजेशन (Normalization) लागू: यदि उम्मीदवारों की अधिक संख्या के कारण परीक्षा एक से अधिक सत्रों (Sessions) में करानी पड़ती है, तो परिणामों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों के अंकों का समानीकरण (Normalization) किया जाएगा।
  • मुख्य परीक्षा साल में सिर्फ एक बार: हालांकि प्रारंभिक परीक्षाएं कई बार होंगी, लेकिन संबंधित सेवा की मुख्य परीक्षा (Mains Exam) साल में केवल एक ही बार आयोजित की जाएगी।
  • मेन्स के लिए पात्रता: एक वर्ष में आयोजित होने वाली दो या अधिक प्रारंभिक परीक्षाओं में से किसी भी एक परीक्षा में योग्य (Qualify) होने वाले उम्मीदवारों को उस वर्ष की संबंधित मुख्य परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा।

आगे की प्रक्रिया

आयोग ने बताया है कि कई प्रारंभिक परीक्षाओं में से मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने की विस्तृत कार्यप्रणाली और नियमों के बारे में जल्द ही एक अलग प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

MPSC की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (Official PDF) यहाँ से डाउनलोड करें : blob:https://mpsc.gov.in/82924993-2475-486a-9b22-5631c8cfc15b

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